इस बार मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ गई है। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष दोगुनी डिमांड है। इसकी आपूर्ति के लिए ज्यादातर प्रजापति समाज के लोग दीया निर्माण कार्य में जुटे हैं।
त्यौहारों का सीजन शुरु हो गया है। दिवाली भी नजदीक आ रही है। इसके साथ ही बनारस में देव दिवाली का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। इस बार मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ गई है।
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मिट्टी के दीए
- फोटो : अमर उजाला
पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष दोगुनी डिमांड है। इसकी आपूर्ति के लिए ज्यादातर प्रजापति समाज के लोग दीया निर्माण कार्य में जुटे हैं।
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मिट्टी के दीए
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हर साल नवरात्र से लेकर देव दीपावली तक दीए की मांग बढ़ जाती है। भट्ठी गांव निवासी राजाराम प्रजापति ने बताया कि पिछले साल कोरोना काल की गाइडलाइन के चलते दीयों की मांग कम हुई थी।
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मिट्टी का करवा
- फोटो : अमर उजाला
पिछले साल साढ़े तीन लाख दीये बिकने का अनुमान था। लेकिन ढ़ाई लाख दीये ही बिके थे। इस बार अब तक साढ़े चार लाख दीये की मांग हुई है।
- मिट्टी का दीया बनाने वालों को कोरोना काल में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, पिछले साल के मुकाबले इस बार अच्छी मांग है। राजेंद्र दरेखु। - बाजार में चाइनीज उत्पाद नहीं मिलने से स्वदेशी की मांग बढ़ी है। लोग दीयों के अलावा मिट्टी के सजावटी सामान की मांग कर रहे हैं। सुनीता देवी भट्ठी।