इस समय अस्पतालों में वायरल फीवर और मौसमी बीमारी वाले मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। इसलिए पंजीकरण और दवा काउंटर के साथ ही पैथोलॉजी के बाहर भी भीड़ लग रही है। सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा और शास्त्री अस्पताल रामनगर में ऐसे ही दृश्य देखने को मिले। जहां किसी को तीन दिन से तेज बुखार था तो कोई जोड़ों में दर्द से परेशान था।
अब सुबह-शाम ठंड होेने लगी है, तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। यहीं वजह है कि मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। सोमवार को दीनदयाल अस्पताल कबीरचौरा में सुबह 8 बजे पर्चा काउंटर खुलने से पहले ही लोग पहुंच गए थे। यहां फिजिशियन की ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ लगी रही। डॉ. पीके सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह तक जो ओपीडी 150 से 170 संख्या तक होती थी, वह इस समय 200 के पार पहुंच रही है। इसमें भी 80 फीसदी से अधिक मरीज तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, उल्टी, भूख न लगने, सर्दी, जुकाम वाले आ रहे हैं। चिकनगुनिया जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। पैथोलॉजी में जांच करवाने के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि सोमवार को ओपीडी में 1400 मरीज आए जबकि शनिवार को यह संख्या 1200 थी। इस समय बच्चों को लेकर ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।
ये बरतनी होगी सावधानी
-बुखार, जोड़ों में दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
-बिना चिकित्सक की सलाह के दवा न लें।
-सुबह-शाम जरूरत के हिसाब से गर्म कपड़े पहनें।
-मौसमी फल और सब्जियों का सेवन करें।
-बच्चों पर मौसम के बदलाव का असर अधिक होता है, सतर्क रहें।