इसमें 16 लोगों को आरोपित किया गया था। इसके बाद तहसीलदार कोर्ट में मुकदमा चलाया। इस दौरान पेरिस प्लाजा के मालिक मोहम्मद ईशा खान निर्मित मकान का नक्शा भी नही पेश कर पाए। इस आधार पर कोर्ट ने जमीन से पेरिस प्लाजा के मालिक का नाम हटाकर उसे सरकारी घोषित कर दिया।
बाद में पीड़ित ने डीएम कोर्ट में अपील की, जिसे सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया। साथ ही मकान को ढहाने का आदेश जारी किया। इसी क्रम में गुरुवार को जिला और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से निर्माण को ध्वस्त कराया। इस दौरान सीओ नगर के नेतृत्व में भारी पुलिस मौजूद थी।