मानसून को देखते हुए आनन फानन में अधिकारियों ने नाला सफाई का निरीक्षण शुरू कर दिया है ताकि बचने का रास्ता निकल सके। शहर के पांच स्मार्ट वार्डों में भी सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है।
आए दिन किसी न किसी गली में सीवर बह रहा है। यही नहीं जनसुनवाई में भी सबसे अधिक सीवर और पेयजल की ही शिकायतें आ रही हैं। नाला सफाई के मामले में मुख्य अभियंता मोइनुद्दीन बोलने से बच रहे हैं। उधर नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने 30 जून तक नाला सफाई का समय सामान्य विभाग को दिया है।
शहर के अंदर बने अधिकतर नाले अतिक्रमण की चपेट में है। जिन के अंदर सफाई हो पाना बड़ा मुश्किल है। नालों के ऊपर किसी ने पक्का अतिक्रमण तो किसी ने सामान रखकर अतिक्रमण कर रखा है। नगर निगम का दावा है कि नालों की सफाई हो रही है। लेकिन जिन स्थानों पर निगम ने सफाई की है। उन नालों को ऊपर से कोई अतिक्रमण नहीं हटा है। अतिक्रमण न हटने के कारण निगम ने खानापूरी करके आधे अधूरे नाले की सफाई कर दी।
एक नजर में आंकड़ें
- 118 बड़े नाले
- 191 छोटे नाले
- 125 किमी बड़े नालों की लंबाई
- 163 छोटे नालों की लंबाई
क्या बोले अधिकारी
शहर के सभी नालों की सफाई के लिए 30 जून तक का समय सामान्य विभाग को दिया गया है। बेहतर ढंग से सफाई कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
- अशोक कुमार तिवारी, मेयर, नगर निगम