पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीबीआई के अफसर ओम प्रकाश सोनकर और उनके परिजनों की चल-अचल संपत्तियों के विवरण से जुड़े कागजात अपने कब्जे में लेकर वापस लौट गए। गत वर्ष सितंबर माह में सिविल इंजीनियर ओमप्रकाश सोनकर को सीबीआई ने तीन लाख घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। ठेकेदार से बिल पास कराने के एवज में तीन लाख रुपये रिश्वत मांगा था।
इसके बाद आरोपी इंजीनियर के कार्यालय और आवास पर भी सीबीआई ने छापा मारा था। इंजीनियर ओमप्रकाश सोनकर की ओर से कराए गए कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पकड़ी गईं। पूर्व सांसद के दामाद सिविल इंजीनियर ओमप्रकाश सोनकर की अधिकतर नौकरी पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में ही हुई है। उसने अपनी बेटी की शादी आईएएस से की है।