सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) नई दिल्ली के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने कहा कि विभाग अब मैनुअल सिस्टम से टेक्नोलॉजी-ड्रिवन मॉडर्न सिस्टम की ओर अग्रसर है। इसका उद्देश्य प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है। बुधवार को पांडेयपुर-लालपुर रोड स्थित होटल में उन्होंने आयकर विभाग के उच्चाधिकारियों, इनकम टैक्स बार एसोसिएशन, आईसीएआई वाराणसी ब्रांच और ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स (एआईएफटीपी) के प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने आयकर विभाग की कर प्रणाली में हो रहे निरंतर सुधारों, आयकर अधिनियम 2025 से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों और करदाताओं, कर सलाहकारों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि सिस्टम कितना भी उन्नत क्यों न हो, सुधार की संभावना हमेशा रहती है।
इनकम टैक्स बार एसोसिएशन और अन्य कर संस्थाओं की ओर से चेयरमैन को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। एआईएफटीपी के डिप्टी नेशनल प्रेसिडेंट ओम प्रकाश शुक्ला, आईटीबीए के अध्यक्ष आशुतोष भारद्वाज, महामंत्री विजय जैन, अरविंद शुक्ला, असीम जफर, प्रकाश गुप्ता रहे । वहीं, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह ने वाराणसी में फेसलेस अपील प्रक्रिया को और अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने समेत अन्य मांगें रखीं।