आयकर विभाग के इंस्पेक्टर यादवेंद्र प्रताप सिंह (51) ने मंगलवार की दोपहर वाराणसी में विश्व सुंदरी पुल से गंगा में छलांग लगा कर जान दे दी। सूचना पाकर पहुंची लंका और रामनगर थाने की पुलिस सीमा विवाद में उलझ गई।
अंतत: रामनगर पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उधर, यादवेंद्र की आत्महत्या की जानकारी मिलते ही उनके साथी कर्मचारियों ने मकबूल आलम रोड स्थित कार्यालय में कामकाज ठप कर गुस्सा जताया।
कर्मचारियों का आरोप था कि आयुक्त के उत्पीड़न की वजह से यादवेंद्र ने आजिज आकर आत्महत्या की है। हार्ट और पेट संबंधी गंभीर बीमारी होने के कारण यादवेंद्र ने अपना तबादला न करने की गुहार लगाई थी और वो छुट्टी मांग रहे थे, मगर आयुक्त उनकी सुनने को तैयार नहीं थे।
चौबेपुर थाना अंतर्गत बभनपुरा के मूल निवासी और शिवपुर क्षेत्र के साईं धाम कॉलोनी में रहने वाले यादवेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 1988 में आय कर विभाग में तैनात हुए थे। साईं धाम कॉलोनी में यादवेंद्र की पत्नी और एक बेटी रहती हैं जबकि बेटा हरिओम सिंह एयरफोर्स में नौकरी करता है।
परिवारीजनों के अनुसार मंगलवार को यादवेंद्र का भतीजा सुंदरम उन्हें उनके कार्यालय छोड़ा था। इसके बाद से वे अपने परिवार के लोगों से फोन पर लगातार संपर्क में थे।