सपने को पूर्ण करेगा लिट फेस्ट: कैलाश सत्यार्थी
विशिष्ट अतिथि नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि बनारस लिट फेस्ट के रूप में जो सपना देख गया है यह सपना आप सब के समवेत प्रयास से यथार्थ में परिवर्तित हुआ है। इसे निरंतर बनाए रखने के लिए इस सपने को और बड़ा करके देखना होगा। तभी हम उस लक्ष्य तक पहुंच सकेंगे जिसके लिए यह आयोजन किया गया है।
इस देश ही नहीं पूरे विश्व में साहित्य, कला, संगीत, आध्यात्म की बातें बनारस की चर्चा के बिना अधूरी रहेंगी। काशी ने सदा से पूरी दुनिया को दिया है। मेरा विश्वास है कि संसार की समस्त समस्याओं का समाधान भारतीय दर्शन में है। दर्शन का मूल हमारे साहित्य में है। साहित्य शब्दों से रचा जाता है।
कहा कि शब्द हमाने अनुभवों को दूसरों तक पहुंचाते हैं, लेकिन जब तक यह अनुभूति का हिस्सा नहीं बनेंगे तब तक शब्द खोखले ही रहेंगे। संयुक्त राष्ट्र संघ की पूर्व सहायक महासचिव लक्ष्मी पुरी ने कहा कि बनारस भारतीय सम्भ्यता को केंद्र सदा से रहा है।
रचनात्मकता और सृजन का उद्गम इसी भूमि से हुआ है। इतिहास से भी पुरानी इस नगरी में बनारस लिट् फेस्ट नए इतिहास का सृजन कर रहा है। उद्घाटन सत्र में राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल, साहित्यकार डॉ. नीरजा माधव, भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एनपी. सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।