आईआईटी बीएचयू में 12वां दीक्षांत समारोह
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आईआईटी बीएचयू में 12वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि डीआरडीओ के चैयरमेन डॉ. समीर वी कामत ने मेधावियों को स्वर्ण पदक से नवाजा। कुल 66 टॉपरों को 108 मेडल दिए गए। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए डीआरडीओ के चेयरमैन ने कहा कि आईआईटी बीएचयू में डीआरडीओ का एक्सीलेंस सेंटर बन चुका है। यहां पर डीआरडीओ की एक लैब भी होगी। उन्होंने आईआईटी के स्नातकों से डीआरडीओ से जुड़ने का आह्वान किया। कहा कि आप भविष्य की शक्ति हैं। कहा, मेरे पैर में चोट लगी है। लेकिन, आपसे मिलने का मोह ऐसा था कि चोट के बावजूद मैं यहां आया।
दीक्षांत भाषण के दौरान चेयरमैन ने लड़ाकू विमान तेजस की चर्चा की। आईआईटी बीएचयू के मेंबर ऑफ बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की ओर इशारा करते हुए कहा कि आपकी वजह से तेजस को दुनिया भर में पहचान मिली। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा निर्यात में तेजी लाएगा। वर्ष 2000 की बात है, जब चीन रक्षा हथियारों का 90 फीसदी तक निर्यात करता था। लेकिन, आज स्थिति बदली है। आने वाले दिनों में भारत रक्षा हथियारों का आयातक देश बनेगा।
मीडिया से बातचीत में डीआरडीओ के चेयरमैन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि धर्म और विज्ञान अलग-अलग है। हर एक आदमी की सोच अलग-अलग होती है। सबकी अपनी मान्यता है। किसी को ये सही है, ये गलत है ऐसा नहीं कहना चाहिए। इसरो प्रमुख के मंदिर जाने के सवाल पर कहा कि उन्होंने कहा कि मैं भी काशी विश्वनाथ दर्शन-पूजन करने जाऊंगा।