निरीक्षण के बाद निर्देश देते कमिश्नर
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वाराणसी में शनिवार को वरुणा नदी के किनारे निर्माणाधीन कॉरिडोर मार्ग पर कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला कि एकबारगी तो देखने वाले हक्के बक्के रह गए। कमिश्नर दीपक अग्रवाल को अधिकारियों के साथ अचानक बाइक से वरुणा कॉरिडोर पर चक्रमण करते देख लोगो मे खासा कौतूहल का विषय बना रहा।
दरअसल, वरुणा चैनेलाइजेशन योजना अंतर्गत लगभग 210 करोड़ की लागत से निर्मित वरुणा नदी के दोनों तटों पर निर्मित कॉरिडोर मार्ग पर आगामी 2 से 3 माह के अंदर ई-रिक्शा एवं दो पहिया वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। जिससे शहर में आए दिन लगने वाले जाम की समस्या से लोगों को निजात मिलेगा, वहीं यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त होगी।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने शनिवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बाइक से स्वयं वरुणा कॉरिडोर का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वरुणा नदी के दोनों तरफ सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए कॉरिडोर को ई-रिक्शा एवं दोपहिया वाहनों के लिए कॉरिडोर के रूप में विकसित कर प्रयोग किया जाएगा। तीन स्थानों पर रैंप बनाया जाएगा। कॉरिडोर मार्ग को दुरुस्त कराए जाने के साथ-साथ इस पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाएगा।
युद्धस्तर पर खामियों को दूर करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां मिली है या जिसकी आवश्यकता है, उसे युद्धस्तर पर प्रयास कर शीघ्र ही पूरा कराकर आगामी 2 से 3 माह के अंदर वरुणा नदी के दोनों तरफ बने कॉरिडोर को ई-रिक्शा एवं दोपहिया वाहनो के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि निश्चित रूप से इस कॉरिडोर का सदुपयोग होगा।
कमिश्नर ने आज शास्त्री घाट से चौकाघाट की तरफ बाइक से निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही कॉरिडोर के दूसरे तरफ से निरीक्षण करेंगे और जो भी समस्याएं इस कॉरिडोर को यातायात व्यवस्था में प्रयोग करने के दौरान संज्ञान में आएंगी। उसे शीघ्र ही दूर कराया जाएगा।