पिछली बार सफल रहा था ऑनलाइन मूल्यांकन का परीक्षण, इस बार व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी
शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, वाराणसी में 90 हजार छात्र-छात्राएं होंगे बोर्ड परीक्षा में शामिल
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बोर्ड की ओर से कॉपियों का ऑनलाइन मूल्यांकन कराने की तैयारी है। पिछली बार परीक्षण सफल रहने के बाद व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर जोर है। मूल्यांकन में लगाए जाने वाले शिक्षकों की ड्यूटी पहले से तय की जाएगी। साथ ही, मूल्यांकन शुरू होने से पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि तकनीकी प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि, दिशानिर्देश परीक्षा शुरू होने के दौरान दिए जाएंगे।
क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के अपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि पिछली बार परीक्षा में कॉपियों का मूल्यांकन ऑनलाइन किया गया था। इस कारण परिणाम भी महज 15 दिन में घोषित हो गए थे। ऑनलाइन मूल्यांकन होने से उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए शिक्षकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कॉपियों का मूल्यांकन करने का तरीका समझाया जाएगा। ड्यूटी लगाने से लेकर प्रशिक्षण तक की प्रक्रिया समय से पूरी करने की तैयारी है। वाराणसी में इस बार यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में 90 हजार छात्र-छात्राओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में परीक्षा के साथ उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम पांच से 24 फरवरी 2027 तक प्रस्तावित है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण और अन्य तैयारियों के साथ मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर भी आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।