पूर्वांचल में विजय सुनिश्चित करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जातिगत समीकरणों के आधार पर ब्यूह रचना तैयार की थी। इसी ब्यूह रचना के बूते भाजपा ने मास्टर स्ट्रोक लगाया।
जानकार और भाजपा के नेता दोनों मानते हैं कि यादव, मुस्लिम और खास वर्ग के दलित वोटरों को छोड़कर बाकी सभी जातियों के वोट मिलने के कारण ही पार्टी को काशी क्षेत्र की 71 विधानसभाओं में से 55 सीट पर जीत हासिल हुई है।
सातवें चरण में हुए मतदान वाले इलाकों की 40 में से 33 सीटें भाजपा और उसके सहयोगी दलों की झोली में आईं। चार जिलों वाराणसी (8) मिर्जापुर (5) सोनभद्र (4) और कौशाम्बी (3) जीत कर यहां तो विरोधी दलों का सूपड़ा साफ कर दिया।
इनके अलावा चंदौली में 4 में से 3, भदोही में 3 में से 2, गाजीपुर में 7 में से 5, इलाहाबाद में 12 में से 9, सुल्तानपुर में 5 में से 4, अमेठी में 4 में से 3, प्रतापगढ़ में 7 में से 4, जौनपुर में 9 में से 5 सीटें भाजपा गठबंधन ने जीती हैं।
पार्टी के रणनीतिकारों की मानें तो पटेल, राजभर, मौर्य, धोबी, लोहार, ब्राह्मण, क्षत्रिय, बनिया आदि जातियों ने पार्टी और गठबंधन के दलों को एकमुश्त वोट दिया है। दलितों को अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यात्रा भी निकाली थी।
काशी क्षेत्र में पीएम के मार्गदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की कुशल संगठन संरचना और पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्पण से पूर्वांचल सहित पूरे प्रदेश में जीत हासिल हुई है।- लक्ष्मण आचार्य, अध्यक्ष, काशी क्षेत्र