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नौवीं भजन संध्या में रेखा के गीतों पर झूम उठे श्रोता

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श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के तहत भजन संध्या की नौवीं संध्या में भजनों के साथ ही बॉलीवुड गीतों की सुरबहार सुरसरि के तट पर बही। डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट के मुक्ताकाशीय मंच पर रेखा भारद्वाज की सुरीली आवाज का जादू श्रोताओं के सिर चढ़कर बोला। रेखा ने गायन की शुरूआत नैनों की मत मानिए रे, नैनों की मत सुनिए नैना ठग लेंगे... की शुरुआत की तो श्रोताआें ने भी सुर से सुर मिलाए।
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रेखा ने इसके बाद रे कबीरा मान जा..., रांझा रांझा... और ससुराल गेंदा फूल... की प्रस्तुतियों से आयोजन को भव्यता प्रदान की। इसके पूर्व भजनों की नौवीं संध्या की शुरुआत आगरा के सुधीर नारायण द्वारा भजन गायन से हुई। आपके साथ तबले पर बलराम मिश्र एवं कीबोर्ड पर संतोष कुमार ने संगत की। सुधीर ने शंकर तेरी जटा से बहती है गंगा की धारा, गाइए गणपति जगवंदन... आदि भजनों की प्रस्तुति की।
दूसरी प्रस्तुति में आलोक पांडेय के निर्देशन में शिवार्चनम के तहत पुष्पांजलि, गंगा स्तुति, शिवाह्न, नटराज स्तुति एवं आनंद तांडव पेश किया गया। तीसरी प्रस्तुति नीरज सिंह के भजन गायन की हुई। आप द्वारा गायन का आरंभ बम बम बोल रहा है काशी... से किया तथा समापन शंकर के डमरू से किया। आपके साथ तबले पर पंकज राय, ढोलक पर वीरेंद्र वीर, पैड पर शेखर, आर्गन पर रंजन दास, बैंजो पर सुरेश ने साथ दिया। संयोजन डॉ लवकुश द्विवेदी एवं डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने किया। सहयोग अतुल सिंह ने किया। संचालन डॉ. ज्योति सिंह ने किया।
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