बॉलीवुड व दक्षिण भारत के पार्श्व गायक पद्मभूषण एसपी बालसुब्रमण्यम का काशी और मां गंगा से गहरा नाता था। फिल्म की शूटिंग के अलावा भी वह दर्शन पूजन करने के लिए अक्सर काशी आया करते थे। कोरोना संक्रमण काल में पिछले साल उनका निधन हो गया। आज उनकी पुण्यतिथि मनाई जाएगी।
श्री चिंतामणि गणेश मंदिर के पुजारी चल्ला सुब्बाराव शास्त्री ने बताया कि 2017 में जब वह काशी अपनी धार्मिक यात्रा पर आए थे तो उन्होंने गणेश जी का आशीर्वाद लिया था। इस दौरान उन्होंने चिंतामणि गणेश मंदिर में शिवलिंग स्थापना की थी। उनकी पत्नी सावित्री देवी भी मौजूद थीं। अस्सी घाट पर सुबह ए बनारस के मंच पर उन्होंने अपने सुरों का ऐसा जादू बिखेरा था कि हर कोई भावविभोर हो उठा था। इस दौरान उनके साथ प्रख्यात ड्रम वादक शिवमणि ने भी यादगार संगत की थी। कार्यक्रम में उनकी प्रथम प्रस्तुति राग अहीर भैरव में आदि ताल में निबद्ध शिव स्तुति थी। उन्होंने जब गायन का समापन किया तो पूरा अस्सी घाट हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा था।
डॉ. प्रीतेश आचार्य ने बताया कि एसपी बालसुब्रमण्यम संगीतकार, गायक, अभिनेता, डबिंग कलाकार और फिल्म निर्माता थे। उन्होंने मुख्य रूप से तेलुगु, तमिल, कन्नड़, हिंदी और मलयालम फिल्मों में काम किया। उन्होंने 1966 में तेलुगु फिल्म मर्यादा रमन्ना के साथ गायन की शुरुआत की थी। उन्होंने 16 भाषाओं में 40,000 से अधिक गाने गाए। उनके नाम एक गायक द्वारा सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है।
उन्होंने चार अलग-अलग भाषाओं कन्नड़, तेलुगु, तमिल और हिंदी में अपने गीतों के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के लिए छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते थे। उन्होंने छह फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीते। इसके अलावा पद्म श्री (2001) और पद्म भूषण (2011) भी उन्हें दिया गया था। 25 सितंबर, 2020 को एमजीएम अस्पताल में कोरोना संक्रमण के कारण उनका निधन हो गया था।