बिहार चुनाव में राजग की करारी हार ने विरोधियों को भाजपा पर हमला करने का एक मौका दे दिया है।
विरोधी दलों के नेताओं ने दो टूक कहा कि दिल्ली के बाद बिहार में हार से साबित हो गया है कि देश में मोदी का जादू खत्म हो चुका है।
वहीं विश्लेषकों ने कहा कि यह चुनाव परिणाम राष्ट्रीय राजनीति पर असर डालेगा। 2017 में यूपी में होने वाले चुनाव में भी महागठबंधन बड़ी भूमिका में नजर आ सकता है।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सतीश फौजी ने कहा कि नफरत की राजनीति के साथ झूठे वादे करके कब तक आप आमजन को भ्रमित रख पाएंगे।
मोदी को अपने किए की सजा मिल गई है। वहीं कौमी एकता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अतहर जमाल लारी ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की जीत इस बात को दर्शाती है कि मोदी की लोकप्रियता देश में दिनोंदिन घट रही है।
कांग्रेस के प्रदेश सचिव वीरेंद्र कपूर और बीएचयू के पूर्व छात्रनेता रत्नाकर त्रिपाठी का कहना था कि नतीजों ने देश की राजनीति को एक नई दिशा दी है। जनादेश बता रहा है कि अब आम आदमी के अच्छे दिन आने वाले हैं।
उधर, लालू यादव के बनारस में विकास ढूंढने के बयान के भी राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि बिहार फतह के बाद अब महागठबंधन बंगाल और उसके बाद यूपी का रुख कर सकता है।
उससे पहले केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत लालू यादव बनारस आकर विकास के मुद्दे पर पीएम को उनके ही संसदीय क्षेत्र में घेरने की कोशिश कर सकते हैं।
लालू की बयानबाजी से भाजपा असहज है। हालांकि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक पांडेय कहते हैं कि बनारस में लालू के लालटेन की लौ विकास की रोशनी में मद्धिम पड़ जाएगी।