रविदासिया धर्म के अनुयायी गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में ‘बेगमपुरा कॉरिडेर’ बसाने का सपना साकार करना चाहते हैं। संत रविदास ने ऐसे बेगमपुरा की कल्पना की थी, जहां आपस में न कोई बैर हो न भेदभाव। हर चेहरे पर खुशहाली हो।
ऐसे ‘बेगमपुरा कॉरिडोर’ का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पेश किया जा सकता है। संत रविदास पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट ने इसके प्रारूप पर मंथन शुरू कर दिया है। माघी पूर्णिमा पर देश-दुनिया से संत रविदास के लाखों अनुयायी सीर गोवर्धन पहुंचते हैं लेकिन उनके ठहरने के लिए धर्मशालाएं हैं न बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था।
ऐसे में हजारों अनुयायी बीमार पड़ जाते हैं। बारिश होने पर अस्थाई टेंटों में पानी भर जाने से उनकी फजीहत होती है। इसके लिए वर्षों से वहां स्थाई तौर पर प्रबंध करने की मांग की जाती रही है। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जयंती महोत्सव में शामिल होने पर संत रविदास पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट इस आशय का प्रस्ताव उनके सामने रख सकता है।
ट्रस्ट के सचिव सत्यपाल विरदी ने बताया कि प्रधानमंत्री आ रहे हैं तो उनसे बहुत कुछ उम्मीदें भी बंध गई हैं। अभी तक विश्व भर में फैले गुरु रविदास के करीब 20 करोड़ अनुयायियों के लिए किसी सरकार ने कुछ नहीं दिया है। हम चाहते हैं कि सीर गोवर्धन तीर्थ में अलग से ‘बेगमपुरा कॉरिडोर’ बनाया जाए।
जहां रविदासियों के लिए धर्मशालाएं, अतिथि गृह, लंगर के लिए आधुनिक किचन और भंडार गृह बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से हम कुछ मांगना नहीं चाहते लेकिन संत रविदास के अनुयायियों की दिली इच्छा है कि यहां उनके लिए बुनियादी सुविधाओं से युक्त प्रबंध किए जाएं।
इसके लिए तैयार किए जा रहे मांगपत्र पर किसी तरह की टिप्पणी करने से उन्होंने इनकार कर दिया। मंदिर के पुजारी मंदीप दास ने बताया कि वह ट्रस्ट के पदाधिकारियों से इस बारे में मंत्रणा कर रहे हैं।