पूर्वांचल के मरीजों को और बेहतर चिकित्सकीय सुविधा देने के लिए बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल को स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन करने की तैयारी कर रहा है।
इसका प्रोजेक्ट बनाकर मंत्रालय को भेजा गया है। यह जानकारी सोमवार को आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया हमने जो प्रोजेक्ट बनाया है उसमें सिर्फ अस्पताल को मंत्रालय के अधीन करने का प्रस्ताव है।
चिकित्सा विज्ञान संस्थान विश्वविद्यालय के ही अधीन रहेगा। बीएचयू अस्पताल अभी 1250 बेड का है। प्रति बेड सालाना एक लाख रुपये का फंड यूजीसी देती है।
उन्होंने बताया कि सर सुंदरलाल अस्पताल को पेशेंट फ्रेंडली बनाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन होने पर मंत्रालय की ओर से अस्पताल का फंड दस गुना हो जाएगा।
अस्पताल में संसाधन के साथ मानव संसाधन की भी कमी को पूरा किया जा सकेगा। अभी विश्वविद्यालय के अधीन होने के कारण अस्पताल को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से फंड दिया जाता है जिससे कि अस्पताल में मरीजों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
इसलिए अस्पताल को संचालित करने में धन की कमी आड़े न आए इसलिए इसे स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन करने की तैयारी चल रही है।