आजमगढ़ जिला कारागार के हाता नंबर पांच में निरूद्ध बंदी श्रीधर ने शनिवार की रात को किसी नुकीली वस्तु से गर्दन की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। बैरक में मौजूद अन्य बंदियों के शोर मचाने पर जेल कर्मचारियों को जानकारी हुई। उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर देख डाक्टर ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि उसका दिमागी संतुलन ठीक नहीं था। इलाज के बाद स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ था। इन दिनों वह सामान्य सा बैरक में रह रहा था। ऐसे में उसने यह कदम क्यों और किस परिस्थिति में उठाया। इसकी जांच की जाएगी।