तीन दशकों से काशी की कला को निखारने के लिए श्री नागरी नाटक मंडली न्यास नाट्य कार्यशाला में एक और आयाम जुड़ेगा। इस बार नाट्य अभिनय के साथ एक सप्ताह तक हाथ के हुनर को भी तराशा जाएगा। इसमें आर्ट, पेंटिंग और क्राफ्ट शामिल रहेगा। शुक्रवार से 29वें निशुल्क नवांकुर कार्यशाला करीब 40 दिनों तक चलेगा।
न्यास के अध्यक्ष डॉ. संजय मेहता और सचिव डॉ. अजित सैगल ने बृहस्पतिवार को नागरी नाटक में बताया कि भारतेंदु नाट्य अकादमी लखनऊ के सहयोग से कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग के लिए दो संकायों को नामित किया है। वरिष्ठ वर्ग के लिए राष्ट्रीय नाट्य अकादमी से सेवानिवृत्त प्रो. हेमा सिंह एवं कनिष्ठ वर्ग में वरिष्ठ रंगकर्मी सुमन पाठक प्रशिक्षण देंगी। कार्यशाला के बाद जून के चौथे सप्ताह में सप्ताहव्यापी अन्य विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण लेने के बाद नवांकुरों का नाट्य मंचन भी होगा।
21 जून को कनिष्क वर्ग का नाटक और 28 जून को वरिष्ठ वर्ग के नवांकुरों का नाटक होगा। इस बीच 22 से 26 जून तक अलग प्रशिक्षण दिया जाएगा। 22 को नृत्य नाटिका, 23 को विशेष एक्सपेरिमेंटल भरतनाट्यम, 24 को आर्ट एवं पेंटिंग, 25 को क्राफ्ट और 26 जून को बदला बदला सा बनारस पर परिचर्चा होगी। डॉ. मेहता ने बताया कि कार्यशाला में गायन का प्रशिक्षण गुरु सुचारिता गुप्ता, कथक में विशाल कृष्ण, भारतनाट्यम का दिव्या श्रीवास्तव प्रशिक्षण देंगी। कार्यशाला पूर्णतया निशुल्क है। केवल रजिस्ट्रेशन शुल्क 500 रुपये है।