यूपी सहित पड़ोसी राज्यों के लिए जीवनदायिनी बन चुका आईएमएस बीएचयू अब प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रोल मॉडल बनेगा। यहां के बाद इसे देश के अन्य प्रांतों में लागू क रने की योजना है। देश के पहले एम्स जैसे संस्थान की तर्ज पर केंद्र सरकार कई मेडिकल कालेज का उच्चीकरण करेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय आईएमएस की तर्ज पर ही मेरठ, झांसी और इलाहाबाद के मेडिकल कालेज में भी ऐसी ही पहल करेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने ट्वीट कर सरकार की अगली योजना की जानकारी दी।
महामना के सपनों और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आईएमएस) को एम्स जैसा संस्थान बनाने के लिए पहल शुरू कर दी है। दो मंत्रालयों के बीच हुए समझौते के बाद देश के पहले एम्स जैसे संस्थान की तर्ज पर प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
इसमें आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) को मेरठ, झांसी और इलाहाबाद के मेडिकल कालेज का मेंटर बनाया जाएगा। इसके जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के साथ ही एम्स के शोध, चिकित्सा मानक, मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता को एक्सचेंज के जरिए लागू कराया जाएगा।
आईएमएस बीएचयू को एम्स जैसे संस्थान का दर्जा देकर पूर्वांचल सहित सात राज्यों के 20 करोड़ की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा का तोहफा दिया है। इसके बाद मेरठ से पश्चिमी यूपी, झांसी से बुंदेलखंड और इलहाबाद से मध्यांचल के लोगों को गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।