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BHU के डॉक्टरों ने किया 'चमत्कार': आंत के पास फंसा था बच्चा, तीन घंटे तक चली सर्जरी; मां और नवजात की बचाई जान

Fri, 06 Dec 2024 01:16 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आईएमएस बीचयू के एमसीएच विंग की ओटी में डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी कर मां और नवजात की जान बचाई। तीन घंटे तक सर्जरी चली। इस दौरान महिला को 4 यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया।
 
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डॉक्टरों ने बचाई मां-नवजात की जान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईएमएस बीएचयू के एमसीएच विंग में डॉक्टरों की टीम ने जटिल सर्जरी कर 25 साल की मां और नवजात की जान बचाई है। बच्चा आंत के पास पेट की थैली में फंस गया था। स्त्री रोग विभाग की डॉ. ममता सिंह के निर्देशन में 3 घंटे तक सर्जरी के बाद महिला ने बच्चे को जन्म दिया। फिलहाल मां आईसीयू और बच्चे का एनआईसीयू में इलाज हो रहा है। आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने टीम को बधाई दी है। 

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पेट की थैली में फंसा था बच्चा
आईएमएस बीएचयू के स्त्री रोग विभाग में प्रोफेसर ममता सिंह के अनुसार शनिवार को उनकी ओपीडी थी। रात में वाराणसी के भदरवा की महिला को परिजन डिलीवरी के लिए एमसीएच विंग की इमरजेंसी में लेकर आए। सोमवार को अल्ट्रासाउंड और एमआरआई करवाई गई। प्रो. ममता ने बताया कि आम तौर पर डिलीवरी से पहले बच्चा बच्चेदानी में रहता है, लेकिन महिला का बच्चा पेट की थैली में आंत के पास था। ऐसे केस बहुत कम देखने को मिलते हैं।डिलीवरी के दौरान प्लेसेंटा आंतों के ऊपर चिपकी थी। तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया गया। 

सर्जरी कर अलग किया गया प्लेसेंटा
एनीस्थीसिया टीम से बात की गई। मंगलवार को सर्जरी कर प्लेसेंटा को अलग किया गया। महिला को चार यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। बच्चे का वजन 1.800 किलोग्राम रहा। टीम में उनके साथ डॉ. दीप्ति, असिस्टेंट प्रोफेसर स्त्री रोग विभाग, डॉ. नीमिषा वर्मा प्रोफेसर, एनीस्थीसिया विभाग, डॉ. अरविंद प्रताप, प्रोफेसर, जनरल सर्जरी, डॉ. शिवि जैन, प्रोफेसर रेडियोलॉजी विभाग रहे।

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चार यूनिट चढ़ा ब्लड, 1.800 किलोग्राम है नवजात का वजन

प्रो. ममता ने बताया कि डिलीवरी के दौरान खेड़ी(प्लेसेंटा) आंतों के उपर चिपकी थी। तत्काल महिला की सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए एनीस्थीसिया टीम से बात की गई। लिहाजा मंगलवार को तीन घंटे की सर्जरी कर प्लेसेंटा को अलग किया। इस दौरान महिला को चार यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। सर्जरी के बाद महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे का वजन 1.800 किलोग्राम रहा। प्रो. ममता ने बताया कि बहुत मुश्किल से किसी तरह खेड़ी को आंतों से अलग किया गया।
 
सर्जरी करने वाली टीम का ये रहे हिस्सा
  • प्रो. ममता सिंह-स्त्री रोग विभाग
  • डॉ. दीप्ति-असिस्टेंट प्रोफेसर स्त्री रोग विभाग
  • डॉ. नीमिषा वर्मा-प्रोफेसर, एनीस्थीसिया विभाग
  • डॉ. अरविंद प्रताप-प्रोफेसर, जनरल सर्जरी
  • डॉ. शिवि जैन, प्रोफेसर, रेडियोलॉजी विभाग
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