प्रो. ममता ने बताया कि डिलीवरी के दौरान खेड़ी(प्लेसेंटा) आंतों के उपर चिपकी थी। तत्काल महिला की सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए एनीस्थीसिया टीम से बात की गई। लिहाजा मंगलवार को तीन घंटे की सर्जरी कर प्लेसेंटा को अलग किया। इस दौरान महिला को चार यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। सर्जरी के बाद महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे का वजन 1.800 किलोग्राम रहा। प्रो. ममता ने बताया कि बहुत मुश्किल से किसी तरह खेड़ी को आंतों से अलग किया गया।
सर्जरी करने वाली टीम का ये रहे हिस्सा
- प्रो. ममता सिंह-स्त्री रोग विभाग
- डॉ. दीप्ति-असिस्टेंट प्रोफेसर स्त्री रोग विभाग
- डॉ. नीमिषा वर्मा-प्रोफेसर, एनीस्थीसिया विभाग
- डॉ. अरविंद प्रताप-प्रोफेसर, जनरल सर्जरी
- डॉ. शिवि जैन, प्रोफेसर, रेडियोलॉजी विभाग