आईएमएस बीएचयू में सेंटर फॉर क्लीनिकल इन्वेस्टिगेशन (सीसीआई) लैब के निजीकरण को लेकर सोशल मीडिया पर मुद्दा गरमा गया है। हृदय रोग विभाग के प्रोफेसर ओमशंकर ने एक बार फिर इसी मामले को लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट की है। नेशनल मेडिकल कमीशन(एनएमसी) के नियमों का हवाला देते हुए आईएमएस में जांच की सुविधा के निजीकरण को गलत बताते हुए इसके लिए विरोध को जारी रखने का निर्णय लिया है।
पोस्ट में लिखा है कि ऐसा सरकारी मेडिकल कॉलेज जहां एमडी की डिग्री दी जाती है, वहां के जांच लैब का स्वामित्व सिर्फ उसी संस्थान का हो सकता है। साथ ही उस लैब का संचालन संस्थान के चिकित्सकों द्वारा किया जाना अनिवार्य है। इनको किसी भी स्थिति में पीपी मॉडल द्वारा नहीं चलाया जा सकता है। इस पोस्ट पर 20 लोगों ने कमेंट किया जबकि 29 लोगों ने 26 सितंबर की रात 9 बजे तक शेयर किया था। इसमें लोगों ने विरोध करने की बात भी लिखी है।
प्रोफेसर ओमशंकर ने पहले 21 सितंबर को अपने फेसबुक पर एक पोस्ट कर आईएमएस अधिकारियों पर (सीसीआई) लैब को बेचने की तैयारी करने का आरोप लगाया था।