प्रो. विजयनाथ मिश्रा ने बताया कि बीएचयू में बच्चों के आने के बाद जब इस बारे में और जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि गांवों में इस तरह की समस्या से ग्रसित बच्चों की संख्या 70 से ज्यादा है। जल्द ही गांव में एम्स नई दिल्ली के विशेषज्ञों के साथ बच्चों की जांच कराई जाएगी। इससे दिव्यांगता का कारण पता चलेगा। टीम में बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. अभिषेक पाठक के साथ ही प्रो.आरएन चौरसिया, बीएचयू जीन विज्ञानी प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, एम्स नई दिल्ली में न्यूरोलॉजी विभाग से प्रो.अचल श्रीवास्तव, कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के प्रो. संजय राय शामिल रहेंगे। जांच कर पता लगाया जाएगा कि जेनेटिक समस्या है या पानी में कोई टॉक्सिक है। बुखार आने से मस्तिष्क पर कितना प्रभाव पड़ा है। जिस तरह की समस्या बच्चों को हो रही है, उससे मस्तिष्क ज्वर के बाद दिमाग में सूजन की संभावना ज्यादा है।
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