जनपद की विभिन्न अदालतों ने पुराने लंबित मामलों में फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। एक मामले में मंदिर से मूर्ति एवं घंटा चोरी के आरोप में आरोपी को तीन वर्ष की सजा, जबकि दूसरे मामले में अवैध नशीले पदार्थ रखने के आरोप में जुर्म स्वीकार के आधार पर जेल में काटी गई अवधि को ही सजा मानते हुए जुर्माना लगाया गया। दोनों फैसले एफटीसी-1 के न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी और एएसजे-3 कोर्ट के जज अजय श्रीवास्तव की ओर से सुनाए गए।
जानकारी मुताबिक गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बैरीडीह गांव निवासी श्यामपति यादव ने 29 जनवरी 2023 को थाने पर तहरीर दी थी कि चार जनवरी 2023 की रात में आरोपी संतोष सिंह निवासी तिलहुआ, थाना निजामाबाद ने दुर्गा मंदिर का ताला तोड़कर सफेद धातु की मूर्ति एवं तीन पीतल के घंटे चोरी कर लिए थे। इस संबंध में थाना गंभीरपुर पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया और मुकदमे में 8 गवाहों की परीक्षा हुई। कोर्ट ने आरोपी संतोष सिंह को दोषसिद्ध पाते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं 3,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, अहरौला थाना क्षेत्र में 23 जुलाई 2013 को तत्कालीन उपनिरीक्षक रामचन्द्र यादव की ओर से चेकिंग के दौरान आरोपी मोहम्मद जावेद निवासी पूरा कोदई, थाना अहरौला के कब्जे से 200 टेबलेट डायजापाम (नशीला पदार्थ) बरामद हुए थे। इस पर थाना अहरौला में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियुक्त ने जुर्म स्वीकार किया था। एएसजे-3 कोर्ट के न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी मोहम्मद जावेद को जुर्म स्वीकृत के आधार पर जेल में काटी गई दो माह की अवधि को ही कारावास मानते हुए 25,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।