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GST Reforms: जीएसटी दरों में सुधार का असर, पितृपक्ष में भी हो रही वाहनों की बुकिंग; बस कंपनियां दाम न बढ़ाएं

Wed, 10 Sep 2025 03:13 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: जीएसटी की दरों में बदलाव लेकर अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बनारस के व्यापारियों ने खुलकर अपनी बात रखी। सभी ने कहा कि कहा कि टैक्स दरों में कमी के चलते अर्थव्यवस्था की रीढ़ और मजबूत होगी।
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अमर उजाला कार्यालय में संवाद कार्यक्रम में शामिल उद्यमी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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GST Reforms 2025: जीएसटी स्लैब में हुए बदलाव से औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन की रफ्तार बढ़ेगी। हालांकि, रॉ मैटेरियल के दाम में कमी होनी चाहिए। कच्चे माल और तैयार उत्पाद पर एक समान जीएसटी भी लगनी चाहिए। यह भी सरकार को देखना होगा कि जीएसटी में कटौती हुई तो कंपनियां उत्पादों के दाम न बढ़ाएं। जीएसटी दर में कमी के चलते पितृपक्ष में भी ऑटोमोबाइल सेक्टर भी रफ्तार भरने लगा है। 

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यह बातें उद्यमियों ने मंगलवार को अमर उजाला कार्यालय चांदपुर में आयोजित जीएसटी 2.0 विषयक संवाद में कहीं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, रामनगर औद्योगिक क्षेत्र, लघु उद्योग भारती, स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, करखियांव एग्रो पार्क समेत वाराणसी ऑटोमोबाइल्स डीलर एसोसिएशन से जुड़े उद्यमियों ने कहा कि पहली बार उद्यमियों समेत अन्य हर वर्गों की मांग को केंद्र सरकार ने तरजीह दी। 

संवाद में विशेष अतिथि के तौर पर शामिल अपर आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह ने कहा कि निश्चित ही टैक्स दरों में कमी के चलते अर्थव्यवस्था की रीढ़ और मजबूत होगी। औद्योगिक इकाइयों को लाभ मिलेगा। 

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सनरूफ कार की करा रहे बुकिंग 
गणपति होंडा के अधिष्ठाता रवीश गुप्ता ने कहा कि 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत जीएसटी दर होने से ऑटोमोबाइल्स सेक्टर में तेजी आई है। पूछताछ बढ़ गई है। जीएसटी दरों में कमी से अर्थव्यवस्था की गाड़ी तेजी से दौड़ेगी। 

वाराणसी ऑटोमोबाइल्स डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष और एजीआर आटोमोबाइल्स के सीईओ राजीव गुप्ता ने कहा कि जीएसटी दर घटने से यह फायदा हुआ कि बेस मॉडल छोड़कर अब लोगों की इंक्वायरी सनरूफ मॉडल वाली कारों की ओर बढ़ी है। उपहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि पितृपक्ष में भी कार की बुकिंग होने लगी है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में तो बूम आने वाला है। पिछले तीन साल में 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी लेकिन इस नीति के बाद 20 फीसदी तक की वृद्धि होगी।

व्यापारियाें की सुनें
कृषि यंत्रों से जीएसटी दर कम किए जाने से किसानों को लाभ मिलेगा। विदेश से आने वाले यंत्रों की मांग घटेगी। - राजेश कुमार सिंह, प्रदेश सचिव, लघु उद्योग भारती

केंद्र सरकार के इस फैसले से उद्यमियों समेत आम लोगों को भी लाभ होने जा रहा है। अमेरिका में प्रतिबंध से बेहाल उद्यमियों को सरकार ने जीएसटी दरों में सुधार कर राहत दी है। - दीपक बजाज, महासचिव,आईआईए

टैक्स स्लैब कम करने से कई वस्तुओं के दाम कम होंगे। सेवाओं को 5 प्रतिशत के दायरे में लाने से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। - अनुपम देवा, राष्ट्रीय सचिव, आईआईए

चीज, मक्खन और पास्ता पर जीएसटी 12 या 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया। इससे घरेलु बजट का बोझ कम होगा। - रमेश लालवानी, उद्यमी

प्रिंटिंग और पैकेजिंग उद्योग की 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में शामिल करने की मांग की गई थी। इसमें भी सरकार को राहत देनी चाहिए थी। - राजेंद्र कुमार सिंह, उद्यमी, चांदपुर

जीएसटी दरों में संशोधन और दरों में कटौती से निश्चित तौर पर आम आदमी को राहत मिलेगी लेकिन कंपनियां को अपने उत्पादों के दाम नहीं बढ़ाने चाहिए। - संदीप बरनवाल, उद्यमी

एसी-कूलर पर छूट तो दी गई है, लेकिन सीलिंग फैन पर कोई राहत नहीं मिली। अगर इस पर भी छूट मिलती तो निम्न वर्गीय परिवार को बहुत राहत होती। -प्रशांत अग्रवाल, डिविजनल चेयरमैन, आईआईए

सरकार का यह कदम सराहनीय है। तीन साल से हम इसकी मांग कर रहे थे। एमएसएमई सेक्टर के लिए बहुत ही उपयोगी है। - तुषार जायसवाल, उद्यमी

फूड इंडस्ट्रीज पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया। जीएसटी की दरों में राहत से आम आदमी को राहत होगी। - अतुल मिश्रा, उद्यमी, रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन

जीएसटी कटौती से बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। रॉ मैटेरियल्स पर थोड़ी राहत देनी चाहिए। इस पर भी जीएसटी की दरें कम होनी चाहिए। - संजीव देववंशी, उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती

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यह बहुत पहले ही होना चाहिए था लेकिन देर आए दुरूस्त आए। रॉ मेटेरियल्स पर से भी जीएसटी कम होना चाहिए। उद्यमियों की यह मांग मानी जानी चाहिए। - देव भट्टाचार्या, अध्यक्ष, रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन

कृषि यंत्रों पर जीएसटी में छूट काबिले तारीफ है लेकिन कोयले पर 5 से 18 प्रतिशत जीएसटी करने से कृषि यंत्र पूरी तरह से सस्ते नहीं हो पाएंगे। ज्यादातर फर्नेस कोयले पर ही निर्भर है। - नीरज पारिक, महासचिव, एसआईए

रॉ मैटेरियल्स और पैकेजिंग इंडस्ट्रीज को भी राहत देनइ चाहिए था। टैक्स एक समान होना चाहिए। सामान्य वस्तुओं के दाम कपंनियों को नहीं बढ़ाना चाहिए। इस पर भी निगरानी हो। - राजेश भाटिया, अध्यक्ष, एसआईए 

खाद्य वस्तुओं पर कमी तो हुई है लेकिन खाद्य वस्तु तैयार करने वाली मशीनों पर जीएसटी में कोई छूट नहीं है। सरकार को इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। - बृजेश गुप्ता, महामंत्री, लघु  उद्योग भारती
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