Varanasi News: चरणाटधाम में 13 और 14 दिसंबर को विविध आयोजन होंगे। महाप्रभु एवं गुसाईं का तिलक गोस्वामी श्याममनोहर महाराज, प्रियंदु बाबा सपरिवार करेंगे। अंतिम दिन चरणाटधाम बैठकी की परिक्रमा, गिरिराज का दुग्धाभिषेक व केसर स्नान होगा। नंदमहोत्सव पर पालने में दर्शन होंगे।
Varanasi News: वैष्णव संप्रदाय के तीर्थ स्थल श्रीमहाप्रभु की बैठक और गुसाईं विट्ठलनाथ की प्राकट्य स्थली चरणाटधाम (चुनार) में उनके 511वें तीन दिवसीय प्राकट्य महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को शोभायात्रा से हुई। षष्ठपीठ गोपाल मंदिर से निकली विट्ठलनाथ की छवि की यात्रा काशी से शुरू हुई और कार से 40 किमी की दूरी तय कर चरणाटधाम पहुंची।
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यहां 14 दिसंबर तक विविध अनुष्ठान होंगे। श्याम मनोहर महाराज द्वारा रचित ग्रंथ का विमोचन होगा। प्राकट्योत्सव पर सुबह गोपाल मंदिर में मंगला दर्शन पूजन के बाद शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर के षष्ठपीठाधीश्वर गोस्वामी श्याममनोहर महाराज व गोस्वामी प्रियंदु बावा ने सपरिवार प्रभु की छवि पर तिलक, माल्यार्पण, भोग अर्पित किया।
गोस्वामी प्रियंदु बाबा व वैष्णव भक्तों ने मधुर कीर्तन करते हुए मंदिर परिसर की परिक्रमा की। मंगला दर्शन कर चरणाटधाम के लिए प्रस्थान किया। सुखपाल पर विराजे गुसाईं विट्ठलनाथ की छवि को भक्त कंधे पर लेकर चल रहे थे। यात्रा ठठेरी बाजार, जौहरी बाजार, चौक, बांसफाटक, गोदौलिया, लक्सा, गुरूबाग, रथयात्रा, महमूरगंज होते हुए मंडुआडीह स्टेशन पहुंची।
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यहां प्रभु की छवि को कार पर विराजमान कराकर चरणाटधाम के लिए रवाना किया गया। शोभायात्रा में मधुसूदनदास, राममोहनदास गुप्ता, अतुल शाह, गणेशदास, बृजकिशोर दास, बृजमोहनदास, रमेश, आनंदकृष्ण आदि रहे।