योग गुरु बाबा रामदेव द्वारा एलोपैथी (आधुनिक चिकित्सा पद्धति) पर सवाल खड़ा करते हुए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन को गलत ठहराने, टीकाकरण पर टिप्पणी पर आईएमए ने नाराजगी जताई है। आईएमए सचिव डाक्टर आरएन सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर महामारी अधिनियम के तहत बाबा रामदेव पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही रामदेव से माफी मांगने को भी कहा है।
प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में आईएमए सचिव ने कहा है कि कोरोना संकट की इस घड़ी में भारत सरकार की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए महामारी में आईएमए बनारस शाखा का हर सदस्य योगदान दे रहा है लेकिन जिस तरह से पिछले दिनों बाबा रामदेव ने गाइडलाइन के साथ-साथ एलोपैथी चिकित्सा पर सवाल खड़ा किया है, उससे चिकित्सकों का मनोबल भी गिरा है।
टीकाकरण को लेकर रामदेव ने जिस तरह का बयान दिया है, उसे आम जनता में भ्रम फैल रहा है और चिकित्सकों में भी इसको लेकर रोष है। बाबा रामदेव के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही होनी चाहिए।