हमारे धरोहर स्थल सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं सामाजिक संपन्न इतिहास के भाग हैं और इनके विरासत मूल्यों के कारण इन्हें संरक्षित रखने की आवश्यकता है। संस्थान इन विरासत स्थलों के एतिहासिक मूल्यों के सांस्कृतिक समृद्ध स्थलों के मरम्मत एवं संरक्षण के लिए परामर्श देगा।
आईआईटी निदेशक ने बताया कि इस क्षेत्र में बहुत से स्थल विद्यमान हैं जो आईआईटी बीएचयू के तहत कवर किए जा सकते हैं। इसके तहत अयोध्या और काशी जो कि अपने सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के लिए जाने जाते हैं।
इसके अलावा अन्य स्थलों में सारनाथ, सांची स्तूप(मध्य प्रदेश), नालंदा महाविहार (बिहार) का वास्तुकला स्थल, ताजमहल, फतेहपुर सिकरी, इमामबाड़ा और लखनऊ के कुछ और भवनों के साथ ही अन्य स्थल भी शामिल हैं।