आईआईटी बीएचयू खुद को साइबर अटैक से बचाने के लिए अपने छात्रों, शोधार्थियों, प्रोफेसरों और कर्मचारियों को डिजिटली स्मार्ट बनाएगा। इसके लिए पांच दिन तक लाइव डेमो और टेक्निकल सेशन कराएगा। फिशिंग, रैसमवेयर और सोशल इंजीनियरिंग जैसे साइबर खतरों से बचने की तकनीक के बारे में जानकारियां दी जाएंगी।
ये भी सिखाया जाएगा कि मजबूत पासवर्ड बनाकर अपने सोशल मीडिया को सुरक्षित रखना सिखाया जाएगा। इसमें कोलकाता से लेकर हैदराबाद सीडेक तक के एक्सपर्ट 30 घंटे का लेक्चर लेंगे। 15 से 19 सितंबर के बीच सुबह 9.30 बजे से शाम छह बजे तक एबीएलटी हॉल में ये कार्यक्रम चलेगा। इसमें बीटेक, एमटेक, पीएचडी छात्र के साथ ही अधिकारी, संकाय सदस्य और कर्मचारी भी हिस्सा लेंगे। इसके लिए कोई पूर्व निर्धारित जानकारी नहीं मांगी गई है।
स्कैम पकड़ने का होगा लाइव डेमो
कार्यशाला के फिशिंग अभियान चलाया में खतरनाक फिशिंग ईमेल की पहचान करने और स्कैम को पकड़ने के लिए एक लाइव डेमो दिया जाएगा। अपने डेटा की सिक्योरिटी के लिए एन्क्रिप्शन, फाइल कलेक्शन और सिक्योर डेटा डिस्पोजल करना सिखाया जाएगा। ये भी बताया जाएगा कि आपके खाते या डिवाइस के साथ कुछ गलत किया गया है तो क्या करना होगा। ओपन फोरम में विशेषज्ञ पैनल से सीधा सवाल पूछकर जवाब पा सकेंगे।
शोधकर्ता या कर्मचारी, आप सभी निशाने पर
आईआईटी बीएचयू की कंप्यूटिंग और सूचना सेवा केंद्र की ओर से सूचना जारी कर कहा गया है कि चाहे आप छात्र हो या शोधकर्ता या कर्मचारी, आप सभी निशाने पर हैं। यह कार्यशाला साइबर नॉलेज और व्यावहारिक कौशल से सशक्त बनाने के लिए डिजाइन की गई है, ताकि आप खुद को और हमारे संस्थान की डिजिटल संपत्तियों को साइबर खतरों से बचा सकें।