आईआईटी बीएचयू और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) कोल इंडिया लिमिटेड के बीच एमओयू की समयसीमा को 2030 तक बढ़ा दिया गया है। इसके तहत स्वच्छ कोयला तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। शोध और विकास के उद्देश्य से काम किया जाएगा। आईआईटी बीएचयू और एनसीएल के बीच 24 नवंबर 2018 को एमओयू किया गया था। अब इस एमओयू को 24 नवंबर 2030 तक बढ़ाया गया है।
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आईआईटी (बीएचयू) की ओर से डीन अनुसंधान एवं विकास प्रोफेसर राजेश कुमार, एनसीएल की ओर से महाप्रबंधक खनन/तकनीकी सचिव नवीन राय ने हस्ताक्षर किए। एमओयू के समन्वयक के रूप में आईआईटी (बीएचयू) खनन अभियंत्रण विभाग के प्रोफेसर संजय कुमार शर्मा और एनसीएल से नवीन राय को नामित किया गया है।
आईआईटी के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यह सहयोग स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी, उत्पाद व्यावसायीकरण, उद्योग आधारित नवाचार, और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा उद्देश्य एक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना करना है जो उद्योग और समाज दोनों को लाभान्वित करने वाले समाधानों को विकसित कर सके।
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एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक बी साईराम ने कहा कि आईआईटी (बीएचयू) के साथ हमारा सहयोग कोयला खनन क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने में सदैव लाभकारी रहा है। इस एमओयू के विस्तार से स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार, तथा क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में और गहन शोध एवं विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इस दौरान प्रदीप कुमार, प्रो. देवेंद्र सिंह, प्रो. राजेश राय, प्रो. जेपी चक्रवर्ती, प्रो. केके सिंह मौजूद रहे।