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Varanasi News: आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी की अर्जी खारिज, 25 को जिरह का अंतिम अवसर

Mon, 17 Feb 2025 11:42 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वर्लनरेबल विटनेस बॉक्स से अदालत में छात्रा पेश हुई। इस दौरान आरोपी की अर्जी खारिज कर दी गई। वहीं मामले में अब 25 फरवरी को जिरह का अंतिम अवसर है। 
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सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फास्ट ट्रैक (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत में सोमवार को आईआईटी-बीएचयू की सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता छात्रा के मुकदमे की सुनवाई हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरियेवर्लनरेबल विटनेस बॉक्स से छात्रा अदालत में पेश हुई। इस बीच सामूहिक दुष्कर्म के एक आरोपी कुणाल पांडेय की ओर से अर्जी दी गई। आरोपी के अधिवक्ता की तरफ से कहा गया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से छात्रा की पेशी के विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट का आदेश आना बाकी है, इसलिए हाईकोर्ट का आदेश आने तक छात्रा से जिरह टाल दी जाए। अदालत ने अभियुक्त कुणाल पांडेय की अर्जी खारिज कर दी।

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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त को छात्रा से जिरह के लिए न्याय हित में अंतिम अवसर दिया जाता है। इसके साथ ही अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 25 फरवरी तय कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि अभियुक्त कुणाल पांडेय की ओर से अगली तिथि पर कोई भी स्थगन किसी भी दशा व स्थिति में मान्य नहीं होगा। यदि स्थगन प्रस्तुत किया जाएगा तो न्यायालय द्वारा विधि अनुसार कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।

आईआईटी-बीएचयू कैंपस में बीटेक की छात्रा के साथ एक नवंबर 2023 की रात सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। मामले के तीन अभियुक्त कुणाल पांडेय, सक्षम पटेल और आनंद चौहान उर्फ अभिषेक हैं। तीनों इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत पाकर जेल से बाहर हैं।
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एडीजीसी (फौजदारी) मनोज गुप्ता ने बताया कि अभियुक्त कुणाल पांडेय की ओर से जिरह के लिए पीड़िता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश हुई थी। मगर, बचाव पक्ष ने सुनवाई अटकाने के लिए फिर एक नया प्रार्थना पत्र दिया। उस पर अभियोजन की ओर से आपत्ति दाखिल की गई। अदालत ने अभियोजन की आपत्ति को स्वीकार करते हुए बचाव पक्ष का स्थगन निरस्त कर दिया।

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