सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता आईआईटी-बीएचयू की छात्रा अपने मुकदमे की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चाहती है। इस संबंध में छात्रा की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया गया है। कहा गया है कि कचहरी आने पर उसकी निजता भंग होती है और लोग उसे पहचानने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा उसकी परीक्षाएं भी होने वाली हैं। कचहरी आने-जाने में परीक्षा की तैयारी में व्यवधान होगा।
छात्रा के अनुसार, उसके संस्थान में यह सुविधा है कि वह वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत के समक्ष आसानी से पेश हो सकती है। छात्रा के प्रार्थना पत्र पर अदालत का आदेश आना शेष है। उधर, सोमवार को छात्रा के मुकदमे की सुनवाई एडीजे/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की अदालत में एक बार फिर टल गई। सुनवाई की अगली तिथि 12 नवंबर नियत की गई है।
एडीजीसी (क्रिमिनल) मनोज गुप्ता ने बताया कि अभियोजन की ओर से 22 अगस्त को पीड़िता की मुख्य परीक्षा की कार्यवाही संपन्न करा ली गई थी। उसके बाद से अब तक बचाव पक्ष की ओर से प्रति परीक्षा की कार्यवाही संपन्न नहीं कराई जा सकी है। बचाव पक्ष का पूरा प्रयास यही रहता है कि किसी भी तरह से मामले में सुनवाई की अगली तिथि नियत हो जाए।