डॉक्टर को पुलिस ने नहीं बनाया था गवाह
डॉ. हेमंत शर्मा को आरोप पत्र में पुलिस ने गवाह नहीं बनाया था। इस पर कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 311 के अपने विशेषाधिकार के तहत प्राथमिक मेडिकल मुआयना करने वाले डॉ. हेमंत शर्मा को तलब किया था। इसके पहले पीड़िता छात्रा का भी बयान 22 अगस्त 2024 को दर्ज किया गया था।
छात्रा ने अपने बयान में कहा था कि आईआईटी बीएचयू कैंपस में एक नवंबर 2023 की रात टहलने के दौरान उससे दरिंदगी की गई थी। उसको धमकाया गया था। इसके बाद तीनों आरोपी बुलेट मोटरसाइकिल से भाग गए थे। फिलहाल छात्रा इंटर्नशिप के लिए बंगलूरू गई है। इसलिए उससे जिरह पूरी नहीं हो सकी है।