रिसर्च को जापान में भी मिली सराहना
डॉ. चंद्रा ने बताया कि क्लीनिकल डायग्नोस्टिक के साथ ही इकोलॉजी मॉनिटरिंग में तकनीक कारगर सिद्ध होने वाली है। यह शोध प्रतिष्ठित अकादमिक पत्रिका केमिकल इंजीनियरिंग जर्नल में प्रकाशित हो चुका है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खासकर जापान के कोबे में ऑर्गेनिक मॉलिक्यूलर इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्फ्रेंस में सराहना मिली थी।
सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इस्तेमाल
डॉ. चंद्रा ने बताया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों या पॉइंट ऑफ केयर सेटिंग्स में इस डिवाइस को लगाया जा सकता है। अलग-अलग चीजों की जांच के लिए अलग-अलग डिवाइस तैयार होती थी, लेकिन यह कई तरह के मैटेरियल की पहचान करने में सक्षम है। इसमें कई तरह के एंजाइम का इस्तेमाल किया जाता है। जो कि एनालिटिकल सिग्नल देते हैं। इस डिवाइस से सटीक और बेहतर रिजल्ट के लिए इसके पेपर बेस्ड प्लेटफॉर्म में तीन इलेक्ट्रोड सिस्टम का उपयोग किया गया है।