फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में बृहस्पतिवार को आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले की सुनवाई हुई। दूसरे विवेचक शिवकांत मिश्रा अदालत में उपस्थित हुए। आरोपी आनंद चौहान की ओर से अधिवक्ता ने जिरह की, जबकि कुणाल पांडेय व सक्षम पटेल की ओर से अधिवक्ता ने भी आंशिक जिरह की। अदालत ने जिरह जारी रख अगली सुनवाई के लिए सात जुलाई की तारीख तय की।
बुधवार को अदालत ने दूसरे विवेचक को हर हाल में उपस्थित कराने का आदेश दिया था और आदेश के अनुपालन के लिए संबंधित अधिकारियों को भी प्रति भेजी गई थी। बृहस्पतिवार को विवेचक शिवकांत मिश्रा अदालत में उपस्थित हुए। हालांकि, कुणाल पांडेय की ओर से जिरह होनी थी, लेकिन उनके अधिवक्ता ने समय मांगा।
इस पर अदालत ने पहले आनंद चौहान के अधिवक्ता को जिरह करने की अनुमति दी। बाद में कुणाल पांडेय की ओर से भी आंशिक जिरह की गई। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता और बचाव पक्ष की ओर से उनके अधिवक्ता रहे।
दो नवंबर 2023 की रात बीएचयू परिसर में आईआईटी की एक छात्रा के साथ मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है। पीड़िता की तहरीर पर लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। विवेचना के दौरान कुणाल पांडेय, आनंद चौहान उर्फ अभिषेक और सक्षम पटेल को आरोपी बनाया गया। पहले विवेचक सहजानंद श्रीवास्तव की गवाही पूरी हो चुकी है, जबकि दूसरे विवेचक शिवकांत मिश्रा की गवाही और जिरह अभी जारी है।