पिछली तिथि पर कोर्ट ने गवाही के लिए विवेचक को तलब किया था। आरोपी की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया कि इस मामले पीड़िता से जिरह बाकी है। बचाव पक्ष से पीड़िता से जिरह नहीं होने से न्याय नहीं मिल पाएगा।
बचाव पक्ष पीड़िता से वीडियो कांफ्रेंसिंग से जिरह करने को तैयार है। इसलिए विवेचक से जिरह स्थगित कर पीड़िता से जिरह की गुहार लगाई। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। शुक्रवार को पीड़िता वीडियो कांफ्रेंसिंग से जिरह के लिए उपस्थित हुई और जिरह हुई।