आईआईटी बीएचयू के छात्रों ने जाना आधुनिक युद्ध की तकनीक
- फोटो : अमर उजाला
नागरिक-सैन्य सहयोग को नई दिशा देते हुए 39 जीटीसी ने सोमवार को आईआईटी बीएचयू के स्थापना दिवस समारोह में उन्नत ड्रोन तकनीक का सजीव प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और आधुनिक रक्षा अभियानों में इस्तेमाल हो रही अत्याधुनिक मानवरहित प्रणालियों की कार्यप्रणाली को करीब से देखा।
प्रदर्शन के दौरान सेना के विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रकार के ड्रोन की क्षमताओं, उनकी निगरानी, टोही, सूचना संग्रह और सामरिक अभियानों में भूमिका की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन तकनीक किस तरह निर्णायक साबित हो रही है और भारत इस क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को रक्षा क्षेत्र में हो रहे तकनीकी नवाचारों से परिचित कराना तथा उन्हें अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रेरित करना था। सेना के अधिकारियों ने छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
इसे भी पढ़ें; मुश्किल में सफर: दिल्ली से सुबह वाली स्पेशल ट्रेन 7.35 घंटे लेट होकर शाम को पहुंची वाराणसी, परेशान रहे यात्री
यह पहल सशस्त्र बलों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे नागरिक-सैन्य समन्वय को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्वदेशी तकनीक, अनुसंधान और नवाचार को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान ‘साथ मिलकर नवाचार, सुरक्षित कल की ओर’ की थीम पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, उन्हें अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों से जोड़ने और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के अनुरूप तकनीकी रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छात्रों ने भी ड्रोन प्रदर्शन में गहरी रुचि दिखाई और इसे ज्ञानवर्धक तथा प्रेरणादायी अनुभव बताया।