कुछ अतिरिक्त नहीं पढ़ा : हरजस कौर
हरजस कौर ने कहा कि पिता की दवा की दुकान है। मां घरों में ट्यूशन पढ़ाती हैं। भाई पढ़ाई करते हुए मेरी बहुत मदद किया। मेरी तैयारी का आधार मेरे माता-पिता ने ही बनाया था। उसके बाद शिक्षकों और दोस्तों ने मदद की। वर्तमान में नौकरी कर रही हूं। पढ़ाई के दौरान कभी कुछ अतिरिक्त नहीं पढ़ा। इस चक्कर में पड़ी ही नहीं कि इतना पढ़ना है क्योंकि उससे आप पढ़ाई के काफी अंदर चले जाओगे जहां से निकलना संभव नहीं।
आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत समारोह के बाद आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम ने परिसर का भ्रमण किया। कुलपति और निदेशक के साथ अपने परदादा के बनवाए विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा के दर्शन-पूजन किए।
मंदिर के दानकर्ताओं की सूची को देखते हुए आगे बढ़े तो दीवारों पर लगे एक शिलापट्ट पर रुक गए। यहां पर पारा से सोना बनाने का सूत्र था। लिखा था कि उनके परिवार के घनश्याम दास बिड़ला के भाई युगल किशोर बिड़ला के सामने ही काशी के कृष्णपाल रसवैद्य ने पारा से सोना बनाया था जो लगभग 18 सेर का था और यह सोना पंजाब में सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा को दान किया गया था। युगल किशोर के साथ महात्मा गांधी के सचिव महादेव देसाई और गणेश दत्त भी थे। इस शिलापट्ट पर महायोगी रसायनाचार्य नागार्जुन का स्केच भी था। पारा से सोना बनाने की कला अब काशी या बीएचयू में नहीं है।
एक ही घंटे में नए, पुराने विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला शनिवार को एक ही घंटे में नए और पुराने दोनों विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजन किया। करीब एक बजे तक बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक किया। उसके बाद सीधे श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। यहां पर बाबा का दर्शन-पूजन कर मंदिर अधिकारियों से बातचीत की। हर रोज आने वाले भक्तों की संख्या और बाकी व्यवस्थाओं को भी जाना। उनके साथ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, निदेशक प्रो. अमित पात्रा भी मौजूद रहे।