वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में आईडीडी कोर्स के तहत चार वर्ष में कोर्स छोड़ने वाले छात्र-छात्राओं को बीटेक की डिग्री मिल जाएगी। वहीं, जो छात्र चाहें वो पांच साल तक पढ़ाई करके बीटेक और एमटेक दोनों की डुअल डिग्रियां ले सकेंगे। आईआईटी बीएचयू ने नई शिक्षा नीति के तहत अपने कोर्स में बदलाव करने के लिए ये फैसला लिया गया है।
आईडीडी यानी कि इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री प्रोग्राम। यह पांच साल का कोर्स होता है। कई छात्र ऐसे होते हैं जो कि आईडीडी में दाखिला लेने के बाद चार साल बाद अलग होना चाहते हैं तो ऐसे में उन्हें बीटेक की डिग्री दे दी जाएगी। अगले ही सत्र में होने वाले दाखिले में इस प्रक्रिया को लागू कर दिया जाएगा। छात्रों को अपने कोर्स से अलग होने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी जाएगी। आईडीडी में कुल 17 कोर्स चलाए जा रहे हैं। इनमें से 13 कोर्स जेईई एडवांस के जॉइंट सीट एलोकेशन ऑथोरिटी ऑफ अंडर ग्रेजुएट काउंसिलिंग जोसा में शामिल नहीं है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ही डिग्री एमएससी केमेस्ट्री में कर सकते हैं। ब्यूरो