कदमों को रुकना मंजूर न था, राहें और भी तो हैं। तय तो करना है तो क्यूं न हंसकर जिंदगी एक सफर ही तो है। आईआईटी बीएचयू के जिमखाना मैदान में आयोजित वार्षिक खेल समारोह स्पर्धा के उद्घाटन समारोह में शुक्रवार को पैरा ओलंपियन दीपा मलिक ने खिलाड़ियों को संघर्षों को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ते रहने का आह्वान किया। कहा, अपने शौक को अपनी ताकत बनाकर आगे बढ़ने की जरूरत है। सफलता पाने से कोई रोक नहीं सकता है।
तीन दिवसीय स्पर्धा 2018 के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि दीपा मलिक ने अपने जीवन में संघर्षों की गाथा बताते हुए कहा कि जीवन में बाधाएं बहुत आती हैं। इनसे घबराने की जरूरत नहीं है। दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ सभी खेलों में प्रतिभाग करना चाहिए। जीवन में हर दिन त्योहार है, इसकी कोई निश्चित तारीख नहीं होती है। इसलिए हर दिन को त्योहार समझकर ही मनाएं।
विशिष्ट अतिथि भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदारा सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि खेल से हमें टीम भावना के साथ काम करने का जो संदेश मिलता है, वह व्यावहारिक जीवन में भी उपयोगी होता है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी सुषमा वर्मा ने भी युवा खिलाड़ियों को बधाई दी।
इससे पहले सभी अतिथियों ने आईआईटी बीएचयू समेत अन्य आईआईटी, विश्वविद्यालय, कॉलेजों से आए खिलाड़ियों के मार्च पास्ट की सलामी ली। इस दौरान दीपा मलिक को खेल समारोह की मशाल भी सौंपी गई।
मलखंभ पर प्रदर्शन कर ऋतुराज ने जीता दिल
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समारोह में मुंबई से आए ऋतुराज ने मलखंभ पर प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया। उनके एक के बाद एक करतब देखकर लोग दांतों तले उंगली दबाने लगे। कार्यक्रम में ऋतुराज ने हाथों में आग निकलते हुए दो रॉड पकड़ कर करतब दिखाया। उनके द्वारा चढ़कर तिरंगा फहराने पर सभी ने खड़े होकर ताली बजाईं और उत्साह बढ़ाया।
हॉकी खिलाड़ियों को नहीं मिल पा रही सुविधाएं-सरदारा सिंह
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदारा सिंह ने कहा कि हॉकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखने वाले युवा खिलाड़ियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। एक ओर जहां हॉकी के एस्टोटर्फ मैदान नहीं मिल पा रहा है वहीं कोच की कमी से खिलाड़ी बेहतर प्रशिक्षण से वंचित हो जा रहे हैं। आईआईटी बीएचयू में वार्षिक खेल समारोह स्पर्धा में भाग लेने आए सरदारा सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कहीं।
कहा कि पहले की तुलना में अब हॉकी के प्रति लोगों का रूझान बढ़ता जा रहा है, जरूरत है कि सुविधाएं बढ़ाई जाएं। जिला-मंडल स्तर से लेकर संस्थान स्तर पर हॉकी के खेल को बढ़ावा देना होगा, इसके लिए कोचिंग बहुत जरूरी है। एक सवाल के जवाब में सरदारा सिंह ने कहा कि टीम इंडिया इस समय एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। आने वाले वर्ल्ड कप में भी टीम के खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के आधार पर जीत दर्ज कर वर्ल्ड कप देश को दिलाएंगे।
हैंडबाल में एनआईटी त्रिची, आईआईटी बीएचयू विजेता
समारोह के पहले दिन कबड्डी और हैंडबाल के मुकाबले हुए। इसमें आईआईटी बीएचयू, एनआईटी त्रिची, बिटस पटना सहित कई जगहों से आए खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। कड़े मुकाबले में हैंडबाल में एनआईटी त्रिची एवं आईआईटी बीएचयू ने जीत हासिल की। उधर पुरुष कबड्डी में भी एनआईटी, त्रिची, बिट्स पटना, आईसीएफएई और वाईएमसीए ने बाजी मारी। महिला कबड्डी में जीडब्ल्यूईसी ने जीत का परचम लहराया। इसके अलावा हॉकी और जूडो के भी मुकाबले हुए।