हिंदी-संस्कृत में पीएचडी थीसिस का सारांश लिखने की अनुमति मिली
इससे पहले देश में पहली बार फरवरी महीने में आईआईटी बीएचयू में संस्कृत और हिंदी में पीएचडी थीसिस का सारांश लिखने की अनुमति दी गई थी। संस्थान में पिछले साल सितंबर की सीनेट बैठक में राजभाषा प्रकोष्ठ की ओर से दिए गए प्रस्ताव को पारित करके ये व्यवस्था शुरू की गई थी।
2021 से हिंदी को बढ़ावा देने की अगुवाई कर रहा संस्थान
2021 में आईआईटी बीएचयू ने बीटेक के सिलेबस और लेक्चर में हिंदी विषय को भी शामिल किया गया था। बीटेक पहले साल में हिंदी के लेक्चर लेने का फैसला लेने वाला आईआईटी बीएचयू देश का पहला संस्थान बना था। विभागों के लैब मैनुअल अंग्रेजी के साथ ही हिंदी में तैयार किए गए हैं। इंजीनियरिंग की किताबों का अनुवाद चल रहा है।