सेवापुरी के भीखमपुर में बस दुर्घटना में विकलांगों और तीमारदारों के घायल होने की बात सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बेहद दुखी थे।
भाषण समाप्त करते ही उन्होंने घायलों का कुशलक्षेम जानने के लिए बिना किसी पूर्व योजना के प्रोटोकॉल तोड़कर बीएचयू ट्रामा सेंटर जाने का मन बना लिया और इसकी इच्छा जाहिर की।
आननफानन में डीरेका से नगवां पुलिस चौकी तक का रूट व्यवस्थित कराकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने लगे।
हालांकि, तब तक भाजपा नेताओं और जिला पुलिस व प्रशासन के सहयोग से बस दुर्घटना में घायल आठ मजदूरों और दो तीमारदारों को डीरेका मैदान ले आया गया।
संबोधन के बाद पीएम ने उनसे बात की। उन्होंने बताया कि सबका सही उपचार हो रहा है, किसी प्रकार की समस्या नहीं है। इसके बाद प्रधानमंत्री संयत हुए और ट्रामा सेंटर जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया।
डीरेका मैदान में सामाजिक अधिकारिता शिविर में आ रहे विकलांगों और उनके तीमारदारोें के घायल होने की जानकारी पीएम मोदी को नई दिल्ली में ही मिल गई थी।
शिविर में संबोधन के बाद उन्होेंने बीएचयू ट्रामा सेंटर जाकर घायलों और उनके उपचार का हाल खुद देखने का सोचा।
पूर्व तैयारी के बिना पीएम को ट्रामा सेंटर तक ले जाना सुरक्षा के लिहाज से जिला पुलिस व प्रशासन के लिए एक बड़ी और कठिन चुनौती था।
इसके बावजूद पीएम की मंशा जानने के बाद डीरेका से बीएचयू ट्रामा सेंटर तक सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाने लगीं। साथ ही, ट्रामा सेंटर के लिए सुरक्षा संबंधी कार्ययोजना बनने लगी।
इसी बीच बस में सवार घायलों में से दस डीरेका स्थित मैदान पहुंचाए गए। सेफ हाउस में पीएम ने उनसे मुलाकात कर हालचाल जाना और उपचार में आ रही समस्याएं पूछीं।
सभी के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए पीएम ने सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक रहकर लाभ लेने की बात कही। इसके बाद पीएम का काफिला हेलीपैड के लिए बढ़ा।
एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के बीएचयू ट्रामा सेंटर जाने के मद्देनजर रूट और सुरक्षा संबंधी तैयारियां तत्काल व्यवस्थित कर ली गई थीं। तब तक आठ दिव्यांग और दो तीमारदार डीरेका मैदान पर ही आ गए थे।