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ओपीडी में मिले लक्षण तो अलग वार्ड में भर्ती होंगे मरीज

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कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद अब नॉन कोविड अस्पतालों में अलग वार्ड बनाया जा रहा है। ताकि ओपीडी में आने वाले मरीजों में अगर किसी तरह के कोविड का कोई लक्षण मिलता है तो उन्हें तुरंत भर्ती कराया जाएगा। साथ ही मरीज का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा और तब तक चिकित्सकों की टीम मरीज की निगरानी करेगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे कोविड अस्पताल में भेजा जाएगा जबकि निगेटिव रिपोर्ट के बाद मरीज को घर भेजा जाएगा।
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जिले में इस समय बीएचयू अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल समेत आठ अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाया गया है। यहां संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जाएगा। नॉन कोविड अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले मरीजों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। तीसरी लहर में मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा जो कि नॉन कोविड अस्पताल है यहां संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने के लिए 30 बेड का वार्ड बना दिया गया है। एसआईसी डॉ. प्रसन्न कुमार ने बताया कि वार्ड में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ के चयन, जांच की तैयारी पूरी है। किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर एंबुलेंस से उसे कोविड अस्पताल भिजवाया जाएगा।
अस्पतालों में लगी मशीन
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिले में अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय समेत पांच अस्पतालों में अल्ट्रा वायलेट चेंबर संक्रमित मशीन लगाई गई है। इसमें सामानों को पांच मिनट तक रखने पर संक्रमण नष्ट हो जाएंगे। अपर निदेशक डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि एक निजी संस्थान ने पांच मशीनें दी थी। एक अपर निदेशक कार्यालय में लगी है। दीनदयाल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाथी बाजार, सीएचसी चोलापुर, पीएचसी बड़ागांव पर भी एक-एक मशीन लगी है। इस पहल से मरीज सहित समस्त स्टाफ बाहरी संक्रमण से बचा रहेगा। कायाकल्प के तहत क्वालिटी एश्योरेंस के मंडलीय सलाहकार डॉ. आरपी सोलंकी ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।
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