प्रदेश में सरकार बनने पर भाजपा गरीबों के लिए बिजली महंगी करेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की ओर से 28 जनवरी को लखनऊ में जारी घोषणापत्र से तो कुछ ऐसा ही ध्वनित हो रहा है।
संकल्प पत्र के तौर पर जारी घोषणा पत्र में पार्टी ने सरकार बनने पर दो रुपये प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली देने का एलान किया है।
वास्तविकता यह है कि सूबे में गरीबों को दी जाने वाली बिजली के 50 यूनिट तक रेट पहले से ही दो रुपये प्रति यूनिट है। इससे समाजवादी पार्टी को मुद्दा मिल गया है।
संकल्प पत्र में भाजपा ने गरीब उपभोक्ताओं को तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से शुरुआती 100 यूनिट तक बिजली देने का वादा किया है। उसके बाद की दरें नहीं बताई गई हैं।
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के मौजूदा टैरिफ आर्डर में लाइट, फैन और पावर के सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम विद्युत दर 4.40 रुपये प्रति यूनिट है।
टैरिफ में एक श्रेणी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लाइफ लाइन उपभोक्ताओं की भी बनाई है, जिनको प्रतिमाह शुरुआती 50 यूनिट तक दो रुपये की दर से बिजली दी जाती है और 51 से 150 यूनिट खर्च करने पर दर 3.90 रुपये प्रति यूनिट हो जाती है।
इस टैरिफ के आधार पर 100 यूनिट बिजली खर्च करने पर उपभोक्ताओं को 295 रुपये देेने पड़ते हैं। भाजपा के संकल्प पत्र की दर लागू होने पर यह 300 रुपये हो जाएगा।