देश के सौ स्मार्ट शहरों में काशी को शामिल कराने की कवायद जारी है। शहर की प्राचीन परंपराओं को सुरक्षित और संरक्षित रखते हुए उसे आधुनिकता के लिहाज से विकसित किया जाएगा। इस काम में आईबीएम और फिलिप्स जैसी दर्जन भर बहुराष्ट्रीय कंपनियां केंद्र सरकार की मदद करेंगी। इन कंपनियों के विजन प्लान में सुरम्य, निर्मल, सुरक्षित, समुन्नत, एकीकृत और संयोजित शहर का खाका खींचा गया है। स्मार्ट सिटी का खाका खींचने में सरकार ने ब्रिटिश सरकार के अंतरराष्ट्रीय विकास विभाग के साथ ही आईआईटी बीएचयू की भी मदद ली है।
स्मार्ट सिटी योजना में अब तक देश के 33 शहरों का चयन हो चुका है। पहले चरण में 20 और दूसरे चरण में 13 शहर इस सूची में शामिल किए गए हैं। अब एक बार फिर शहरों के चयन की कवायद चल रही है। बनारस ने इस बार पूरी तैयारी के साथ अपनी दावेदारी की है। शहर के लगभग 18 लाख लोगों ने अपने ऑनलाइन और ऑफलाइन सुझाव भेजे हैं।
सूत्र बताते हैं कि काशी के विकास के लिए तैयार योजना में विद्युत शवदाह गृह संचालित करने का सुझाव प्रमुख है। इसके अलावा पैदल चलने वालों और दिव्यांगों के चलने के लिए अलग-अलग ट्रैक बनाने और सभी घाटों और मंदिरों का कायाकल्प करने के साथ ही अस्सी घाट पर रात्रि बाजार का प्रस्ताव किया गया है। ऐतिहासिक धरोहरों तक पहुंचने के लिए बड़े डिजिटल साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। शेयरिंग साइकल की सुविधा भी शुरू की जाएगी।