चार महीने परेशान था, दो महीने घर से नहीं निकला और एक महीने मंदिर नहीं गया : चंपत राय
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने सिद्ध पीठ नृसिंह मठ में समाधियों व मंदिरों में किया दर्शन, काशी की गलियों में घूमे
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय शनिवार को काशी की गलियों में घूमे। मणिकर्णिका घाट स्थित सिद्ध पीठ नृसिंह मठ गए। समाधियों व मंदिरों में दर्शन किए। साथ ही कहा कि श्रीराम मंदिर में चंदा चोरी मामले में अनावश्यक बातों से चार महीने तक परेशान था। दो महीने तो घर से नहीं निकल सका। एक महीने तक श्रीराम मंदिर नहीं गया। इस बीच प्रभु श्रीराम का स्मरण करते रहे। आखिरकार उन्होंने मुझे न्याय दिलाया।
आध्यात्मिक लाभ के लिए काशी आए चंपत राय सिद्ध पीठ नृसिंह मठ गए। वहां विराजमान योगीराज स्वामी नरसिंह भारती महाराज की जीवित समाधि का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दर्शन-पूजन किया। श्री कोलाहल नृसिंह भगवान, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में पूजित भगवान श्रीराम की प्रतिमा, श्री त्रिकोटेश्वर महादेव और संत ज्ञानेश्वर महाराज का पूजन-अर्चन किया। मां गंगा के भी दर्शन किए।
चंपत राय वैदिक आचार्यों से भी मिले और उनका हाल जाना। उनसे श्रीराम मंदिर में चंदा चोरी मामले के बाद हुई मानसिक पीड़ा और दुख को उन्होंने साझा किया। नृसिंह मठ के प्रभारी विजय चौधरी ने बताया कि चंपत राय ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि जिस तरह से उन पर आरोप लगाए जा रहे थे, उससे वह परेशान थे। किसी से बात नहीं करते थे। चार महीने तक श्रीमद्भागवत गीता, श्रीरामचरितमानस और रामायण का पाठ करते रहे। उनकी लंबे समय से काशी आने की इच्छा थी, मगर ऐसी परिस्थितियां आ गईं कि नहीं आ पा रहे थे। इस आध्यात्मिक नगरी में सदैव ज्ञान का प्रकाश मिलता है। ऐसे पवित्र स्थान पर आना सुखद आनंद की अनुभूति देता है। यहां वेद-मंत्रों की ध्वनि और सिद्ध संतों के दर्शन सौभाग्य से मिलता है। उन्होंने काशी की गलियों में भी भ्रमण कर आनंद लिया।
चम्पत राय पहुंचे नृसिंह मठ। स्रोत स्वयं