ट्यूमर से ग्रसित बीएचयू की छात्रा प्रीति कुमारी
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प्रीति का कहना है कि वह बीएचयू में पढ़ाई के साथ ही कला के क्षेत्र में अब तक कई अवार्ड पा चुकी पूनम राय से भी मार्गदर्शन लेती रहती है। बताया कि पढ़ाई के बाद जो समय मिलता है, उसमें ही इस मिशन को पूरा किया। अलग-अलग दिनों में काम कर करीब 11 घंटे में प्रभु श्रीराम का 50181 बार नाम लिखकर आकृति बनाई।
अमर उजाला से बातचीत में प्रीति कुमारी ने बड़ा भावुक होकर कहा कि बाएं हाथ में मुझे ट्यूमर की बीमारी बचपन से ही थी। चार से पांच बार ऑपरेशन भी हो चुका है। इसमें बाएं हाथ की उंगली भी काटनी पड़ी। अब वह बिल्कुल काम नहीं करता है। इस वजह से दाहिने हाथ का ही सहारा है।
अब तो ट्यूमर की बीमारी आधे शरीर में फैल गई है। मुझे पता है कि अब बीमारी दूर नहीं होने वाली है और इसका परिणाम भी मुझे पता है। मैने ठान लिया हैं कि बड़ी उपलब्धि हासिल करनी है। इसी दिशा में लगातार प्रयास जारी है।