रात में गुलजार ने अपनी पत्नी पर चाकू से हमला कर दिया और बेरहमी से उसे मार डाला। गुफरान के हाथ के दोनों पंजों पर भी चाकू के निशान थे और सर पर भी किसी वजनी चीज से वार किया गया। हत्या के बाद रात में कल्लू फरार हो गया। सुबह गुलजार के भाई शेर अली को देर तक घर से किसी के न आने जाने पर शक हुआ।
कमरे में जाकर देखा तो गुफरान का शव नजर आया। पुलिस मुकदमा दर्ज कर पति की तलाश कर रही है। गुलजार छह भाइयों में तीसरे नंबर पर था। गुफरान की मां की तहरीर पर पति के साथ-साथ, ससुर, सास और देवर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है।
अम्मी हमें अपने पास बुला लो...
गुफरान ने झगड़े के बाद अपनी मां आबिदा को फोन कर झगड़े की बात बताई। साथ ही रोते रोते यह भी कहा था कि अम्मी हमें अपने पास बुला लो। इससे पहले कि गुफरान अपने अम्मी के पास जाती, उसकी हत्या हो गई। बेटी की हत्या की सूचना पाकर आबिदा बेटी रेहान खातून के साथ कोटवा पहुंची। मां ने पुलिस को घटना की सूचना के साथ ही बताया कि पति-पत्नी में अक्सर लड़ाई होती थी, लेकिन यह नहीं पता था कि उनकी बेटी की हत्या कर दी जाएगी। गुफरान की बेटी फिलहाल अपनी नानी के पास है।