अटल नगर कॉलोनी, मवइयां स्थित एक होम स्टे में ठहरे बिहार निवासी युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। पति की आत्महत्या की सूचना पाकर उसकी पत्नी ने गोरखपुर स्थित अपने मायके में छत से कूद कर जान दे दी।
रविवार की सुबह सूचना पाकर सारनाथ थाने की पुलिस ने युवक का शव फंदे से नीचे उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। युवक के कमरे से पुलिस को गांजा, सिगरेट, लाइटर, पर्स और मोबाइल मिला। परिजनों के अनुसार बेरोजगारी की वजह से अवसादग्रस्त होकर युवक ने जान दी है।
पटना के बाढ़ के रहने वाले हरीश बगेश (28) ने करीब दो वर्ष पहले गोरखपुर के कैंट थाना के बिस्मिल पार्क के सामने सचित हॉस्पिटल पार्क रोड की रहने वाली संचिता शरण (28) से लव मैरिज की थी।
एमबीए की पढ़ाई करने के बाद हरीश मुंबई में एक प्राइवेट बैंक में नौकरी करता था। संचिता की तबीयत खराब होने की वजह से वह नौकरी छोड़ दिया था और ससुराल में अपने ससुर राम शरण श्रीवास्तव के घर रहने लगा था।
सारनाथ थाने की पुलिस को राम शरण ने बताया कि हरीश अपने घर जाने की बात कह कर गोरखपुर से निकला था। पुलिस की पूछताछ में होम स्टे संचालक ने बताया कि एक एप के माध्यम से हरीश ने कमरा नंबर-202 बुक किया था।
पांच जुलाई की रात वह अपने कमरे में आया था। हरीश के रिश्तेदार पांडेयपुर निवासी राजू कुमार रविवार की सुबह होम स्टे में आए और उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा न खुलने पर उन्होंने संचालक को सूचना दी। संचालक ने रोशनदान से झांक कर देखा तो हरीश पंखे के हुक से रस्सी के फंदे के सहारे लटका हुआ था।
सूचना पाकर सारनाथ थाने की पुलिस मौके पर आई और दरवाजा तोड़ कर शव को नीचे उतरवाई। पुलिस को ससुर राम शरण श्रीवास्तव ने बताया कि हरीश बेरोजगारी के कारण अवसाद ग्रस्त रहता था और नशे का आदी भी हो गया था। उधर, हरीश की आत्महत्या की सूचना पाकर उसकी पत्नी संचिता ने अपने मकान की छत से कूद कर जान दे दी।