अपर जिला जज चौदहवां फाइनेंस एफटीसी मनोज कुमार की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति अनुराग पांडेय को दोषी पाते हुए 10 साल और देवर आयुष, सास सुनीता को सात-सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही सात-सात हजार का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने पैरवी की।
सतीश चंद्र उपाध्याय ने मंडुवाडीह थाने में 13 जुलाई 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई। तहरीर में कहा कि भतीजी अंजुला पांडेय की विदाई के बाद से ससुराल वाले दहेज के रूप में एक लाख रुपये व स्कॉर्पियो की मांग कर रहे थे। नहीं मिलने पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था।
12 जुलाई को सास सुनीता ने फोन पर बताया कि अंजुला ने फंदे से लटक कर जान दे दी है। मायके पक्ष मौके पर पहुंचा तो देखा कि अंजुला का शव बेड पर पड़ा था। उसके बाद केस दर्ज कराया। आरोपी पति बरेका में कर्मचारी था।
महिला अधिवक्ता ने सिंधोरा थाना प्रभारी समेत अन्य के खिलाफ दाखिल किया वाद
घर में घुसकर मारपीट व लूट के मामले में अधिवक्ता हीना राय ने विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति/जनजाति देवकांत शुक्ला की अदालत में वाद दाखिल किया है। जिसमें ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रेमहंस चौबे, सिंधोरा थाना प्रभारी, दरोगा मिथिलेश प्रजापति और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।